Thursday, 31 July 2014

तुलना

मुझे अपना बचपन पूरी तरह याद है  इसलिए नहीं की मई चाँदी का चम्मच मुँह में लेकर पैदा हुई थी बल्कि इसलिए की मेरी मम्मी हमेशा हम बहनों की तुलना दूसरी लड़कियों से किया करती थी और स्कूल में टीचर्स हमारे सेक्शन की तुलना दूसरे सेक्शन से किया करती थी।
      मैं सोचा करती थी क्या मुझमे कोई खूबी न  कारण टीचर्स और मम्मी हमेशा तुलना करती रहती हैं ????

डर

आज गर्मी का उमस भरा मौसम , मुझे मेरे बचपन में खींच ले जाता  है !
जब मैं छोटी थी गर्मी में जमीन पर लेट जाती थी बिना  डर के की कोई कीड़ा आ जायेगा या छिपकली आ जाएगी और जमीन की उस ठण्ड में जो नींद आती थी वो आज कूलर या ए.सी. के सामने  नहीं आती और आज का आलम ये है की बिना चप्पल के सिर्फ बेड पर नजर आते हैं हम लोग ।
    इसका रीजन ये नहीं है की हम लोग बड़े  हैं, इसका रीजन ये है की हम डरने लगे हैं।
हम सब को डर का मतलब पता है , फिर चाहे वो कीड़ा हो या लोग।